मां नागणेची कई नामों से प्रसिद्ध है चक्रेश्वरी राजेश्वरी नागणेचिया माता नागणेची राठौड़ राजवंशों की कुलदेवी है।
१२०० ईस्वी में राव दूहड़ जी ने नागणेची माता को एक शक्ति (देवी) के रूप में देखा, तब से उन्होंने नागणेची माता को राठौड़ों व सोढा ( राजपुरोहित ) की कुलदेवी के रूप में मानना शुरू कर दिया| तब से लेकर आज तक नागणेची माता को राठौड़ों व सोढा ( राजपुरोहित ) अपनी कुलदेवी के रूप में पूजा जाता आ रहा है| मन्दिर में देवी की हर कोई पूजा पाठ कर सकता है।
सुखदेव भक्ति संस्थान इस मंदिर की देख रेख में अपना योगदान देती है|