नानी बाई का मायरा – भव्य एवं दिव्य कथा आयोजन

सनातन धर्म की परंपराओं में “नानी बाई का मायरा” एक अत्यंत प्रसिद्ध और भावपूर्ण कथा है, जो भगवान श्रीकृष्ण की करुणा, भक्त की श्रद्धा और भक्ति की शक्ति को दर्शाती है। इस कथा के माध्यम से यह संदेश मिलता है कि जब भक्त सच्चे मन से भगवान को पुकारता है, तब भगवान स्वयं उसकी लाज रखने के लिए प्रकट होते हैं।

इसी दिव्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए तीन दिवसीय “नानी बाई का मायरा” कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह कथा सुप्रसिद्ध कथा वाचिका सुष्री अनन्या शर्मा के मुखारविंद से श्रवण करने का सौभाग्य भक्तों को प्राप्त होगा।

यह पावन आयोजन 4 अप्रैल से 6 अप्रैल 2026 तक मोहराकला बालाजी आश्रम, मोहराकला (राजस्थान) में आयोजित किया जाएगा। इस दिव्य कार्यक्रम का आयोजन सुखदेव भक्ति फाउंडेशन के तत्वावधान में किया जा रहा है।

इस तीन दिवसीय कथा के दौरान भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिकता का अद्भुत वातावरण निर्मित होगा। कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्तों की अटूट आस्था तथा सनातन संस्कृति के महान संदेशों का वर्णन किया जाएगा, जिससे सभी श्रद्धालु भक्त आध्यात्मिक आनंद और प्रेरणा का अनुभव करेंगे।

नानी बाई का मायरा क्या है

“नानी बाई का मायरा” राजस्थान और गुजरात की लोकभक्ति परंपरा से जुड़ी एक अत्यंत प्रसिद्ध कथा है। यह कथा संत नरसी मेहता और उनकी पुत्री नानी बाई की भक्ति से संबंधित है।

कथा के अनुसार जब नानी बाई के मायरे (भात) का समय आया और परिवार के पास देने के लिए कुछ भी नहीं था, तब संत नरसी मेहता ने भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना की। भक्त की सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण स्वयं मायरा भरने के लिए प्रकट हुए और नानी बाई की लाज रखी।

यह कथा हमें सिखाती है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति के सामने असंभव भी संभव हो जाता है।

कार्यक्रम विवरण

कार्यक्रम : नानी बाई का मायरा कथा
वक्ता : सुष्री अनन्या शर्मा (कथा वाचिका)
दिनांक : 4 – 6 अप्रैल 2026
स्थान : मोहराकला बालाजी आश्रम, मोहराकला, राजस्थान
आयोजक : सुखदेव भक्ति फाउंडेशन

श्रद्धालुओं के लिए आमंत्रण

सभी श्रद्धालु भक्तों से विनम्र निवेदन है कि इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पधारकर “नानी बाई का मायरा” कथा का श्रवण करें और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त करें।

जय श्री कृष्ण | राधे राधे